जाने कितने इन शब्दो मैं छुपे है राज ,
शब्दो से ही है सजते सारे साज।,
शब्दो से ही है ,सारे राग,
शब्दो ने लिखवायीं रामायण ,
शब्दो से लंका पा गया विभीषण ,
शब्दो ने करवायी महाभारत ,
इनके बाण न जाएँ अकारथ ,
शब्दो से मिल जाते है ताज ,
शब्दो से जा भी सकती है लाज ,
शब्दो से बन जाते बिगड़े काज ,
शब्द चाहे तो बना दे तुम्हे मोहताज। ......

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Shrday dhnyawad rachna ko padhne aur sarahana ke liye