मंगलवार, 5 अक्टूबर 2021

#guptratn ne देखा है बच्चो को हँसते हुए


 देखा है मैंने बच्चो को हँसते हुए

खिलखिलाते हुए,गुनगुनाते हुए ।

किसी की किताब छीन लेना कभी ,
 किसी की कॉपी को फाड् देना ,
फिर देखा उसे गलती पर मनाते हुए ॥
अपना टिफिन खाकर,दूसरे का छीनना कभी
 भूखे रहकर खुद दोस्तों को खिलाना ,
देखा है मैंने इनको मिल बांटकर खाते हुए ॥
शिकायते करना ,कभी मार देना फिर चिढाना
 देखा उसी दोस्त को टीचर की डांट से बचाते हुए
 झगड़ लेना कभी, फिर कंधे पर हाथ डालकर चलना
 देखा मैंने उनको एक दूसरे को रूठते- मनाते हुए ॥
 फेल हो जाना, कभी परीक्षा न देना
 फिर पूछने पर झूठी कहानी सुनाते हुए ,
"मैंने तो कुछ नहीं किया " पकडे जाने पर कहना,
 देखा है,परीक्षा मैं बच्चो को पूछते और बताते हुए ॥
 डांट खाना कभी फिर चुपके से हँसना देखा है
 मैंने बच्चॊ को शरारत करते हुए, टीचर को मनाते हुए तो कभी सताते हुए ॥
 जाते है कुछ पुराने तो बनते है नए परिवार का हिस्सा ।
 मैंने हर साल देखा बच्चॊ को स्कूल से आते हुए जाते हुए ॥
 गुप्त रत्न
©

सोमवार, 6 सितंबर 2021

गुप्तरत्न ने देखा है, इन बच्चो को बड़े गौर से ,


 

सभी शिक्षकों को समर्पित  एक शिक्षिका की नज़र से 


"
रत्न" ने  देखा है, इन बच्चो को बड़े गौर से ,
छोटे होते है ,पर समझते है दुनिया किसी और दृष्टिकोण से ll

रोज सताते है हमको,रोज चिढ़ाते है हमको,
पर बस आया निश्छल प्रेम नज़र उनमे,देखा जिस ओर से ll

इनमे होता है वो ज़ज्वा की ,बना दे या मिटा दे दुनिया,
चाहे तो मिला दे आसमां को ज़मी के छोर से ll 

अपना कर्तव्य निभाओ बड़ी लगन से तुम गुरुओ,
भविष्य मिला है हमको, संवारना है इसको,सूरज उगाओ तुम भोर से ll

जब लगे ज़रूरत,अधिकार भी तुम जताओ,
कच्ची मिटटी है बनेगे परिपक्व,जब तक जलाओगे भट्टी ये ज़ोर से ll

आधुनिकता की आंधी मैं हम सब बह रहे है,
बचा लो संस्कृति अपनी,मन की भी सुन लो कभी हट के दुनिया के शोर से ll

©

सोमवार, 16 अगस्त 2021

#ये अपना हिन्दुस्तान है।

 "गुप्त रत्न " "भावनाओं के समंदर मैं "


गुप्त रत्न " " भावनाओं के समंदर मैं "

स्वतन्त्रता दिवस के उपलक्ष्य ..


हिन्दू,मुस्लिम,सिख इसाई सब इसकी शान है,
और नहीं कही हम यारो "ये अपना हिन्दुस्तान है।

हाथों मैं रखता कोई गीता,पढता कोई कुरआन है,
और नही कही हम यारो "ये अपना हिन्दुस्तान है "

दुआ भी होती,नात भी सुनते और कहते कव्वाली भी,
और यही पर  सुनते हम भजनों की मधुरम  तान है।।

"शूरवीर महाराणा" यही पर हुए "अकबर महान" है,
और नही कही हम यारो "ये अपना हिन्दुस्तान है।

सियासत भी बोलती है, ज़हर नफरत का घोलती है /
आयें मिटाने इस प्रेम को कई सियासी शैतान है।।

फुट डालकर राज किया कई ,गोरे और देशी हैवान है ,
अब नही करने देंगे ये,यहाँ अपना घर ये  हिन्दुस्तान है।।

हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई सब इसकी शान है ,
और नही कही हम यारो "ये अपना हिन्दुस्तान है।।
जय हिन्द।
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#World Book Day 23 Apri: Books can be good friends and can talk to you. skit by guptratn

मत पूछों मुझे क्या क्या रोकता है , बुलाता है स्कूल मगर बहुत कुछ जाने से रोकता है।

Guptratn bhawnaon ke samndar mein मत पूछो मुझे क्या क्या रोकता है , बुलाता है स्कूल /ऑफिस मगर जाने से  बहुत कुछ रोकता है l  मत पूछों मुझे क्...

#गुप्तरत्न ये मौसम कहता है बन जाओ मेरा जैसा,