- BAL DIWAS
तुम ही को डाट ,तुम को फटकार ,तुम से ही मनुहार भी ,
तुम से है परेशान हम ,तुमसे ही प्यार भी ,
यूँ तो दुनिया डूबी ,तिहुँ और नीर से ,
पर सागर को भरते तुम,और तुम ही आधार भी .
ये तुम्हारी हंसी, ये शरारतें न भर्ती है घर आँगन सिर्फ ,
इनसे ही तो है, खिलखिलाता सागर का गलियार भी ,
तुम से ही कल , तुम से ही है आज रोशन ये सबेरा ,
खुदको दो सही दिशा ,मिटाओ बचे हुए अंधियार भी ,
कहते हो नित , तुम ही ब्रह्मा ,तुम्ही हो विष्णु , तुम ही हो देव: महेश्वरः:
पर हिरदय से समझो कभी तो इसका सच्चा सार भी ,
तुम्हारी सम्पूर्णता सिर्फ कर्तव्यों से ना आएगी हमारे ,
तुम अपने लिये हमको दो अपने जीवन परअधिकार भी ,
तुमसे ही सीखा है ,मैंने जीने का नया ढंग
मेरी खुशियो के ,बन गए हो तुम हिस्सेदार भी तुमसे ही सीखा है ,मैंने जीने का नया ढंग
तुम से है परेशान हम ,तुमसे ही प्यार भी
तुम ही को डाट , तुम को फटकार , तुम से ही मनुहार भी ,
तुम से है परेशान हम , तुमसे ही प्यार भी , यूँ तो दुनिया डूबी , त...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Shrday dhnyawad rachna ko padhne aur sarahana ke liye